गणेश जी ओ गणेश जी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मेरे अंधियारे जीवन में तुम दया की ज्योत जला देना ,

गणेश जी ओ गणेश जी,

पतझड में फूल खिलाये बुझते दीप जलाए तू,

जीवन की उल्जन सुल्जाये ,

बिछड़े मीत मिलाये तु,

ओरो के जैसा मेरा भी तुम सोया भाग जगा देना,

गणेश जी ओ गणेश जी,

ब्रह्मा पूजे विष्णु पूजे आशीष दे शिव त्रिपुरारी,

घर घर आदि भगतन पूजे पूजे हर मंदिर पुजारी,

मंवांचित फल देने वाले तू मन की प्यास बुजा देना,

गणेश जी ओ गणेश जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।