जीना यहाँ मरना यहाँ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जीना यहाँ मरना यहाँ तेरे सिवा जाना कहा,

जी चाहा जब मैंने आवाज दी आये हो तुम पल में वहां,

जीना यहाँ मरना यहाँ तेरे सिवा जाना कहा,

मैं तो रहु या ना रहु दरबार तेरा यु सजता रहे ,

भगतो का ये मेला सदा द्वारे पे तेरे चलता रहे,

हर बार मेरे ये दिल ने कहा तेरे सिवा जाना कहा,

जी चाहा मैंने आवाज दी आये हो तुम पल में वहा,

जीना यहाँ मरना यहाँ तेरे सिवा जाना कहा,

स्वार्थ की है दुनिया तेरी स्वार्थ में लिपटे इंसान है,

जाऊ कहा छोड़ तुझे तू ही तो मेरा भगवान है,

देख लिया सारा जहान तेरे सिवा जाना कहा,

जी चाहा मैंने आवाज दी आये हो तुम पल में वहा,

जीना यहाँ मरना यहाँ तेरे सिवा जाना कहा,

सांसो में तुम धड़कन में तुम रग रग में तुम हो समाये हुए,

दिल वालो के महफ़िल में तुम रहते सदा दिल लगाए हुए,

श्याम कहे दिल लगाउ कहा तेरे सिवा जाना कहा,

जी चाहा मैंने आवाज दी आये हो तुम पल में वहा,

जीना यहाँ मरना यहाँ तेरे सिवा जाना कहा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।