मनवा रामा रामा बोल तेरा क्या लागे रे मोल

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मनवा रामा रामा बोल तेरा क्या लागे रे मोल

साधु ने इक तोता पाला राम राम रत आया,

तोता उदा आकाश चला गया पिंजरा रह गया खाली,

मनवा रामा रामा बोल तेरा क्या लागे रे मोल

नो खिडकी का मेहल है तेरा खुले पड़े सब द्वार,

आना रहना मुल्किल तेरा जाना सहज सवार,

मनवा रामा रामा बोल तेरा क्या लागे रे मोल

पत्थर चुन चुन मेहल बनाया लोग कहे यह मेरा,

न ये तेरा न ये मेरा चिड़ियाँ रेन बसेरा,

मनवा रामा रामा बोल तेरा क्या लागे रे मोल

दुनिया क्या है इक तूफानी क्या राजा क्या रानी,

इक दिन सब को जाना होगा रहे राम रजधानी,

मनवा रामा रामा बोल तेरा क्या लागे रे मोल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।