सावन में कावड़ लाऊंगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन में कावड़ लाऊंगा लॉकडाउन हटा दो भोले जी,

मन मेरे में उठे है कुमाया जब जब यु सावन है आया,

हरिद्वार की नगरी आऊंगा मेरी बात मान ले भोले जी,

सावन में कावड़ लाऊंगा लॉकडाउन हटा दो भोले जी,

रिम झिम बरसे बदरियाँ भीगे कावड़ भीगे कावड़िया,

भोले मस्ती में रम जाउगा तेरी अजब निराली माया जी,

सावन में कावड़ लाऊंगा लॉकडाउन हटा दो भोले जी,

नील कंठ की ये कठिन चढ़ाई बम बम की जैकार लगाई,

नागर हर हर बम बम गाउ गा कंधे पे उठा कर कावड़ जी,

सावन में कावड़ लाऊंगा लॉकडाउन हटा दो भोले जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।