ये भाग्य अभागे का जगा दो हे राम जी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ये भाग्य अभागे का जगा दो हे राम जी,

करुणानिधान भोग लगा दो हे राम जी,

शबरी के मीठे बेर ये तंदुल विदुर के हैं,

ठुकरा ना देना इनको ये दो टूक दिल के हैं,

अम्रित मेरे भोजन को बना दो हे राम जी,

करुणानिधान.....

अर्पण है प्रभू आपको ये भेंट दास की,

ज्योती जलाये बैठा हूँ मुद्दत से आस की,

कब आयोगे ये बात बता दो हे राम जी,

करुणानिधान......

कहतें हैं कोई आप सा दीलेर नहीं है,

प्रभू आप के घर देर है अन्धेर नहीं है,

हो कितने दयावान दिखा दो हे राम जी,

करुणानिधान.....

जो रूठोगे प्रभू तो मैं भी रूठ जायुंगा,

खाओगे नहीं तुम जो तो मैं भी ना खायुंगा,

ये ज़िद है मेरी आज पुगा दो हे राम जी,

करुणानिधान........

Lyricst & सिंगर

Vicky Sadavartia 9356488811

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।