सावरिया चित चोर ने वाले प्रेम नगर के राजा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया चितचोर ने वाले प्रेम नगर के राजा

रस के भरे अथात समंदर एक ही बूंद प्लाजा

सांवरिया चितचोर ने वाले प्रेम नगर के राजा

रस के भरे अथात समंदर एक ही बूंद प्लाजा

पागल कर दे मन की वीणा ऐसी तान सुनाजा

मैं भाऊ ना भाऊ तुझको तू तो मुझको भाजा

राधे अपने अमर प्रेम की एक बूंद जल का दो

सांवरिया से मेरे मिलन की दो बातें करवा दो

विरह वेदना से टूटी इन तारों को चमका दो

तारों को चमका दो स्वामनी उन्मत नाच नचा दो

सांवरिया चितचोर ने वाले प्रेम नगर के राजा

रस के भरे अथात समंदर एक ही बूंद प्लाजा

चंचल कर दे मन की वीणा ऐसी तान सुनाजा

मैं भाऊ ना भाऊ तुझको तू तो मुझको भाजा

भजन गायक अहिंसा दूत श्री नवल किशोर जी महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।