कान्हा तोहे आने की खबर जो लागि रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा तोहे आने की खबर जो लागि रे,

दौड़ी दौड़ी नंगे पाँव गावल चली रे,

ना मैं मीरा ना मैं राधा ना मैं गवलन गोकुल की ,

कमना को मोरे कान्हा ये तो जोगन की तुमरी,

आज तेरा आने की आस है जागी रे

कान्हा तोहे आने की खबर जो लागि रे,

नैना तरसे बरसो बीते तू नहीं आया क्या जाने,

इतने फागुन बिन तेरे गुजरे अब तो आओ कान्हा रे,

आज तेरा आने की आस है जागी रे

कान्हा तोहे आने की खबर जो लागि रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।