मईया जी मेरे संग रहना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरा मेरा मेरा तेरा साथ है निराला ।

ये दुनिया जले तो जले, मईया जी मेरे संग रहना ॥

पग पग मईया तूने मुझ को संभाला ।

ये दुनिया जले तो जले, मईया जी मेरे संग रहना ॥

तन मन धन दिया, जो भी दिया माँ ने,

मेरी ज़िन्दगी को तो निहाल किया माँ ने ।

अँधियारी ज़िन्दगी मे भर दिया उजाला,

ये दुनिया जले तो जले, मईया जी मेरे संग रहना ॥

जो भी पहले काम किया नाम लिया मईया का,

बन गया खिवैया नाम मेरी जीवन नईया का ।

माँ ने मेरी कश्ती तूफानो से निकाला,

ये दुनिया जले तो जले, मईया जी मेरे संग रहना ॥

माना मैं कपूत हूँ पर माता न कुमाता है,

दुखों की घडी में प्यार माँ का काम आता है ।

माँ की पाई ममता तो बना हिम्मत वाला,

ये दुनिया जले तो जले, मईया जी मेरे संग रहना ॥

‘श्याम सुन्दर’ मईया तेरे चरणों का दिवाना है,

जैसा भी हो तेरा, मुझे पड़ेगा निभाना है ।

बेटे ने जो बात कही माँ ने नहीं टाला,

ये दुनिया जले तो जले, मईया जी मेरे संग रहना ॥

Uploaded By : Roshan Gupta & Prince Goyal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।