तेरे जैसा सांवरे कोई नहीं कोई नहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा जैसा सांवरा कोई नहीं कोई नहीं

कोई नहीं कोई नहीं कोई नहीं कोई नहीं

तेरी सूरत प्यारी प्यारी तेरी सूरत पर मर मिटे हम

तेरी प्यारी बासुरी की धुन पर मिटे आज हम तौ

तेरी प्यारी छवि को निहार एंगे हम

तेरी आंखों में काजल लगाएंगे हम

प्यारा लगे प्यारा लगे प्यारा लगे हां प्यारा लगे

तेरा जैसा सांवरा कोई नहीं कोई नहीं

वृंदावन में बांके बिहारी बरसाना में राधा प्यारी

दर्शन मैंने पाया राधा रानी का मैंने हां जबसे

मेरा मन कहीं और लगता नहीं

अब तेरे सिवा कोई जचता नहीं

लगता है नहीं लगता नहीं लगता नहीं लगता नहीं

तेरा जैसा सांवरा कोई नहीं कोई नहीं

मैंने जबसे तुमको पाया सब कुछ मुझे मिल गया है

मैंने कहा ना तुमको कब से देखो दिल में तुम्हें बिठाया

अब तो दिल में मेरे आस है अब यही

दिल से निकल ना पाओगे अब ना कहीं

कैसे कहूं कैसे कहूं कैसे कहूं कैसे कहूं

तेरा जैसा सांवरा कोई नहीं कोई नहीं

गायक भजन सम्राट भागवताचार्य

पंडित राधे कृष्ण जी महाराज श्यामगढ़

लेखक ,,पंडित राधे कृष्ण जी महाराज

9039392870

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।