तेरे नाम की महिमा सब संत गाते है

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॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम की महिमा सब संत गाते है

साँचा धन जीवन का प्रेमी ही कमाते है,

ये कर्म हुआ हम पर जो तेरी शरण मिली

भगति का खजाना सच्ची दौलत है मिली

माझी बन कर गुरुवार हमे पार लगाते है,

यहाँ राज सिंघषण भी शाहो न छोड़ दियां,

जग की है आस तजि मन नाम से जोड़ लिया

नाम जप के हुए महान ये ग्रंथ बनाते है,

तेरे नाम की महिमा सब संत गाते है

भगयो से शुभ अवसर गुरु मुख ने पाया है,

गलफत में नहीं खोना गुरु ने फ़रमाया है,

उपवन की अंधी ये सब को महकाते है,

तेरे नाम की महिमा सब संत गाते है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।