नाम जप ले निमानिये जिन्दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम जप ले निमानिये जिन्दे के ऑखे वेले कम आवेगा

मेरे सारेया दुख दा दारु इक पूड़ी राम नाम दी,

लखा तर गए लखा ने तर जाना,जिह्ना ने तेरा नाम जपेया,

सत्गुरुआ ने जहाज बनाया,

के आओ जिहने पार लंगना,

नाम जप ले निमानिये जिन्दे के ऑखे वेले कम आवेगा

नाम रंग डारा मोपे श्याम रंग डारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।