॥ पावन पाठ ॥
न कहीं से दूर हैं मंजिलें,
न कोई करीब की बात है ।
जिसे तुम ने दर पे बुला लिया,
ये बड़े नसीब की बात है ॥
न कहीं से दूर हैं मंजिलें,
न कोई करीब की बात है ।
जिसे तुम ने दर पे बुला लिया,
ये बड़े नसीब की बात है ॥