शायद वो आ जाए दरवाजा खुला रखना

रवी नंदन शास्त्री जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शायद वो आ जाए दरवाजा खुला रखना,

होठों पे दुआ रखना राहों में नजर रखना,

शायद वो आ जाए दरवाजा खुला रखना

यहा जोर नहीं चलता मर्जी के मालिक हैं,

मिन्नत ही किए जाना फरियाद किए जाना

होठो पे दुआ रखना....

हो जाए कभी करुणा तशरीफ़ वो ले आए,

चरणों से लिपट रहना अशको से धो देना,

होठो पे दुआ रखना ...

शर्माना ना अपने हैं आवाज दिए जाना,

आंगन को सजा रखना फरियाद किए जाना

होठो पे दुआ रखना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।