भक्त नही वो भला है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्या वो करेगा लेके चडावा सब कुछ त्याग के बेठा कही,

भक्त नही वो भला है ढूंडता गुण देखे गुणगान नही

मैं कहता नही श्रधा है बुरी पर कर्म तराजू धर्म वही,

भक्त नही वो भला है ढूंडता गुण देखे गुणगान नही

तू मंदिर फिर आया तू नाम मन्त्र सब जप आया,

जीवन में अब भी न सकूँ भोले का मन में वास नही,

क्यों मन मन्दिर तेरा खाली है क्यों खाली खुद मैं झाँक कभी,

भक्त नही वो भला है ढूंडता गुण देखे गुणगान नही

ये भोला है भंडारी है इसे पूरी दुनिया प्यारी है,

देवो का ये दानव का भी इस के मन भेद का भाव नही,

श्रधा नही देखे गा तेरी जब मन ही तेरा साथ नही,

भक्त नही वो भला है ढूंडता गुण देखे गुणगान नही

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।