मांग ले कन्हिया से ये सब को ही देता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भूखा उठाता है पर न भूखा सुलाता है

अकेला ही होके सारे जग को खिलाता है,

दयालुयो को देता पापियों को भी देता है,

मांग ले कन्हिया से ये सब को ही देता है,

माँ बाप जैसा प्यार करता है जहान को

लाखो है बुराइयां फिर भी पाले इंसान को,

प्यासी धरती पर ये तो पानी बरसता है,

रोज ही सुभा के साथ सूरज उघाता है,

अँधेरा मिटाए चमक चाँद कोए देता है,

मांग ले कन्हिया से ये सब को ही देता है,

छोड़ दे तू आस जग की दिल से पुकार ले,

है ये सचा साथी तेरी जिन्दगी सवार दे,

एक बार प्रेम से तू इनको निहार ले,

चरणों में इनके तू जिन्दगी गुजार ले ,

अमरो को देता ये गरीबो को भी देता है,

मांग ले कन्हिया से ये सब को ही देता है,

सेवा में लगाये रखना मांग श्री श्याम सी,

क्या माँगना है टोनी सुन जरा ध्यान से ,

दीं दुखियो के काम जो आता है ककृष्ण कन्हिया के मन को भाता है,

ऐसे प्रेमियों को ये तो बाहों में भर लेता है,

मांग ले कन्हिया से ये सब को ही देता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।