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दुर्गा सप्तसती १०८ नाम संकीर्तन
दुर्गा सप्तसती १०८ नाम संकीर्तन
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॥ पावन पाठ ॥
शेरावाली की जय , दुर्गाकाली की जय |
माता वैष्णव रानी की जय जय आय |
|| Sacred Verses ||
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अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं राम नारायणं जानकी वल्लभम्
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है?
▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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