मेहर कर बाबा आके ठण्ड बरसादे

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

फेली कैसी अग सारा सड़ी जांदा जग,

इक दुसरे तो लग लोक मरी जांदे ऐ,

मेहर कर बाबा आके ठण्ड बरसादे तेरे बचडे घरा च बेठे डरी जांदे आ

आपने ही आपनेया तो दूर भजी जांदे,

एह कहो जेहा वक़्त बाबा पै गया,

वध रेह पाप बाबा बन गया श्राप

बाबा मौका देख कालजा ही रह गया,

आके तू बचा ले साहणु गल नाल ला ले,

बचे तेरे अरदासा तेनु करी जनदे ने,

मेहर कर बाबा आके ठण्ड बरसादे तेरे बचडे घरा च बेठे डरी जांदे आ

कोम नु बचाऊन ली तू मारते सी पूत चारे,

आज बाबा फिर तेरी लोड आ,

कट दे जड़ा चो आके आप तू बिमारी

पेडा लगेया समाज नु जो कोड है,

समज ना आई एहदी दे दे तू दवाई,

लोक जिन्दगी दी जीती बाजी हरी जांदे ने

मेहर कर बाबा आके ठण्ड बरसादे तेरे बचडे घरा च बेठे डरी जांदे आ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।