बंसुरिया लेके आजा मेरे श्याम मुरलियां वाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बंसुरिया लेके आजा मेरे श्याम मुरलियां वाले

तू आजा दिल में समा जा मेरे श्याम मुरलियां वाले,

गर्मी का है मोसम आया गर्मी ने है सताया

याद तेरी आई सांवरियां मैंने तुझे बुलाया,

तू पंखा लेके आजा मेरे श्याम मुरलियां वाले,

बरखा का है मोसम आया बरखा ने है सताया याद तेरी आई सांवरियां मैंने तुझे बुलाया,

छातरियां लेके आजा मेरे श्याम मुरलियां वाले,

सर्दी का है मोसम आया सर्दी ने है सताया,

याद तेरी आई सांवरियां मैंने तुझे बुलाया,

जयपुर से रजाई ले आ मेरे श्याम मुरलिया वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।