प्रभु के भरोसे हां को गाडी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुन रे प्यारे भाई प्रभु के भरोसे हां को गाडी ,

ना जाने कब टूट पड़े माथे पे काल कुल्हाड़ी,

पंच तत्व से बनी जे कोठरियां जिस का नाम है काया,

हर इक जीव रहे इस घर में देकर सास किराया,

जब लुट टूट जायेगी साँस की पूंजी पछताओगे ओ अनाडी,

प्रभु के भरोसे हां को गाडी

जिसको रे हम तुम कहते है दुनिया वो इक दर्शन मेला,

इक दिन ऐसा आता याहा रे जब उड़ता हंस अकेला,

भक्ति के रंग में रंग लो ये जीवन यही है मुकित की नाडी,

प्रभु के भरोसे हां को गाडी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।