मुझको कोयल बना दे साईं तेरे बगियन की

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मुझको कोयल बना दे साईं तेरे बगियन की,

कह तू उड़ दी फिरू मैं साईं तेरी गलियां की,

मुझको कोयल बना दे साईं तेरे बगियन की,

छोड़ के आया मैं सारा जमाना ,

अपने चरण में देदो ठिकाना,

रो रो सुख गए है अनसु मेरी अखियन के,

तारा है सब को मुझको भी तारो,

कोयल बना के मुझको सवारों अर्जी सुन लेना साईं मन चितवन की,

एह मेरे मालिक एह मेरे स्वामी मांगे सलामत

तेरी गुलामी नैया पार लगा दे साईं मेरे जीवन की,

मुझको कोयल बना दे साईं तेरे बगियन की,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।