हाथ में खंडा तिरशूल लेकर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हाथ में खंडा तिरशूल लेकर निकलो अब तो महारानी,

महामारी से हमे बचालो करदो किरपा अब कल्याणी,

हाथ में खंडा तिरशूल लेकर निकलो अब तो महारानी,

डर से काँप रही है दुनिया राह समज नही आती है माँ,

हर इक मोड़ पे हम को दाती भयानक मौत डराती है,

देदो हमे सहारा माँ महामारी ने शोर मचाया संकट में माँ हर प्राणी,

बचालो माँ सम्बालो माँ,

नवरातो में बंध पड़े है मन्दिर तेरे आंबे माँ,

हर इक दुःख से हमे बचालो सोच रही क्या जगदम्बे माँ,

इन भगतो को तारो माँ,

महामारी ने सब को डराया दर से निकलो रानी माँ,

अब तो हमे बचालो माँ,

अष्ट भुजा माँ ज्योता वाली हर दुःख से हमे बचालो माँ

देश की जनता तुझको पुकारे कोई उपाए निकालो माँ,

चेहल दीवाने की जो अर्जी अब तो पढ़ लो महारानी,

अब तो हमे बचालो माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।