तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान,

कर दियां बिभीषण का पल भर में चूर चूर अभिमान,

तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान,

दिब्ये अलोकिक मोती माला श्री राम को भेट में दी,

श्री राम ने मोती माला हाथ में सीता के रख दी,

कहा बिभीषण ने सीता से रखना इसका ध्यान,

तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान,

भरी सबा में सीता माँ ने हनुमत को माला दे दी,

हनुमत कुछ ढूंडा उसमे फिर टुकड़े करदी,

बड़े क्रोध से बोले बिभीषण हुआ मेरा अपमान,

तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान,

राम ने पूछा हनुमान से काहे को माला तोड़ी,

हनुमत बोले सिया राम की इस में नही दिखती जोड़ी,

जिस मोती में मेरे राम नही वो मोती है पाषाण,

तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान,

अगर सीने में राम है तेरे मुझको दिखाओ तुम बाला,

इतना सुन कर हनुमान ने सीना फाड़ दिखा डाला,

कहे श्याम के दर्शन करलो सीने में है सिया राम

तोड़ तोड़ मनियां माला फेंक रहे हनुमान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।