सांवरे तुमसे विनती यही है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे तुमसे विनती यही है

इस कहर से प्रभु अब बचाओ

काल ने घेर रखा है हमको

इसके पंजे से हमको छुड़ाओ

सबके मन में भरा सिर्फ दर है

अगले पल हो क्या कुछ ना खबर है

हर कदम पे कड़ी है मुसीबत

छूटता जा रहा ये सबर है

कोई रास्ता प्रभु अब ना सूझे

रास्ता तुम ही हमको दिखाओ

काल ने घेर रखा है हमको

इसके पंजे से हमको छुड़ाओ

इक अजब सा ही वातावरण है

टूटता दिख रहा सबका मन है

कुछ समाधान तुम ही निकालो

अब उम्मीदों की तू ही किरण है

किस तरह हम बचेंगे दयालु

कोई युक्ति हमें तुम बताओ

काल ने घेर रखा है हमको

इसके पंजे से हमको छुड़ाओ

साड़ी दुनिया फासी कश्मकश में

कुछ नहीं है किसी के भी बस में

नाम जपते हैं इक बस तुम्हारा

शक्ति मिलती तेरे नाम रस में

भूल बैठे सभी मुस्कुराना

रोते चेहरों को माधव हँसाओ

काल ने घेर रखा है हमको

इसके पंजे से हमको छुड़ाओ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।