सच पूछो तो पापा की जान हो बेटी तुम

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे घर की आन वान और शान हो बेटी तुम,

सच पूछो तो पापा की जान हो बेटी तुम

जब से आई हो तुम बेटी खुशिया ही खुशिया आई ,

साथ साथ मेरे घर जैसे आ गई हो दुर्गा माई ,

इस भोले भाले बाबा जी का मान हो बेटी तुम,

सच पूछो तो पापा की जान हो बेटी तुम

तुम से ही तो घर का आंगन रहता है मेहका मेहका

तेरे कारन पापा का दिल रहता है चेहका चेहका

भगवान का मुझपर किया हुआ एहसान हो बेटी तुम,

सच पूछो तो पापा की जान हो बेटी तुम

तेरे कारण दुनिया में आज मिलता है समान मुझे,

बेटे से भी बढ़ कर है तू हो गया ये क्या मुझे,

तेरे पापा राम केश की मुस्कान हो बेटी तुम,

सच पूछो तो पापा की जान हो बेटी तुम

सिर नहीं झुकने दूंगी पापा आप का रोशन नाम करू,

मुझपर होगा गर्व सदा ऐसे मैं जग में काम करू,

मुझे दुनिया में लाने वाले भगवन हो पापा तुम,

सच पूछो तो बेटी की जान हो पापा तुम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।