मेहंदीपुर के बालाजी हम दर तेरे आये हैं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेहंदीपुर के बालाजी हम दर तेरे आये हैं

मुझे रख लो सेवादार ओ बाबा आस लगाए हैं

मेहंदीपुर के बालाजी ............

तेरे चरणों की छाया दूर कना करना मुझको

जनम जन्म तेरी सेवा करूँ में ऐसा वर दो मुझको

खुशियां मिलती इस दर से हमें झोली फैलाएं हैं

मुझे रख लो सेवादार ओ बाबा आस लगाए हैं

हर पल तेरा नाम पुकारूँ निस दिन तुम्हे ध्याऊँ

तेरा सेवा काम न दूजा तेरे भजन मैं गाऊं

राम भक्त अंजनी के लाला अर्ज़ी ये लाये हैं

मुझे रख लो सेवादार ओ बाबा आस लगाए हैं

धन्य हो गए बालाजी हम पा कर प्यार तुम्हारा

सर पर हाथ सदा ही रखना ये उपकार तुम्हारा

शर्मा लिखता भजन तुम्हारे सर को झुकाएं हैं

मुझे रख लो सेवादार ओ बाबा आस लगाए हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।