माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ शरदे माँ शरदे हो मैया हम तो है बालक तेरे,

माँ शारदे ...

तू है दयालु बड़ी माँ वीणा पानी,

करती दया हो सब पे आंबे भवानी,

मैया विद्या का आके हम को भी भण्डार दे,

माँ शारदे...

करदो हमारी आज माँ पूरी आशा,

कब से है शर्मा तेरे दर्शन को प्यासा,

मैया दर्शन हमे भी आके माँ इक बार दे

माँ शारदे...

मांगे न लखा तुमसे दौलत खजाना,

साथ स्वरों का मुझे अमृत पिलाना,

मैया मेरी माता के जैकार,

बस प्यार दे

माँ शारदे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।