माँ शारदे तुम्हे आना होगा

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माँ शारदे तुम्हे आना होगा,वीणा मधुर बजाना होगा,

मेरे मन मंदिर में मैया आना होगा,

माँ शारदे तुम्हे आना होगा,वीणा मधुर बजाना होगा,

सारे गामा पा धा नि सा मैंया मैं तो जानू न,

सात स्वरों को मैया मेरी मैं तो पहचानू न,

कीर्तन में मैया तुम्हे आना होगा,

वीणा मधुर बजाना होगा,

माँ शारदे तुम्हे आना होगा,वीणा मधुर बजाना होगा,

तू ही अम्बे तू ही दुर्गा तू ही महाकाली है,

भगतो की मेरी अम्बे मैया करती रखवाली है,

ज्योति में तुम को समाना होगा,

वीणा मधुर बजाना होगा,

माँ शारदे तुम्हे आना होगा,वीणा मधुर बजाना होगा,

तेरे बिना मैया मेरी साधना अधूरी है,

सब से पहले मैया तेरी वंदना जरुरी है,

ताल से ताल मिलाना होगा,

वीणा मधुर बजाना होगा,

माँ शारदे तुम्हे आना होगा,वीणा मधुर बजाना होगा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।