कब तक छुप बैठे अब तो पट है खोलना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कब तक छुप बैठे अब तो पट है खोलना,

हम दुखियों का बाबा दिल ना तोड़ना

मर जायेगे हम खाटू में आये बिना मन मोहना,

कब तक छुप बैठे अब तो पट है खोलना,

कितने दिन बाबा बीते बीती है कितनी राते,

कब होगी तेरी मेरी वो मीठी मीठी बाते,

इस हाल में बाबा हम को तुम न छोड़ना मन मोहना,

कब तक छुप बैठे अब तो पट है खोलना,

तेरे रहते तेरी चौकठ बाबा कैसे है खाली .

आने को तरसे बाबा जाने कितने सवाली,

इस बंधन को अब बाबा तुम ही खोलना,मन मोहना,

कब तक छुप बैठे अब तो पट है खोलना,

आजा अब प्रेम बड़ा जा रिश्ता तू अपना निभा जा

राखी है बेटी तुम्हारी दुनिया को आके बता जा

हारे से रिश्ता बाबा न कभी तोडना,मन मोहना,

कब तक छुप बैठे अब तो पट है खोलना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।