आई है आई है माघ सुधि ग्यारस आई है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आई है आई है माघ सुधि ग्यारस आई है,

आई है आई है खुशियां हजारो लेके आई है,

ये दिन मेरे श्याम को भाया है सूरजघड धाम बनाया है,

आज के दिन आने वाला इस दर से सब कुछ पाया है,

गई है गई है महिमा भगतो ने बताई है,

आई है आई है माघ सुधि ग्यारस आई है,

इस दिन से मेरा श्याम यहाँ फागण सुधि झट तक रहता है,

फिर इस निशान के साथ श्याम नीले घोड़े पर चलता है ,.

आई है आई है फिर से शुभ घडी आई है,

आई है आई है माघ सुधि ग्यारस आई है,

इस चमत्कार नहीं श्याम किरपा है समज गया आने वाला,

सारे रस्ते भगतो के संग चलता मेरा खाटू वाला,

बाई है बाई है सांवली सलोनी छवि बाई है,

आई है आई है माघ सुधि ग्यारस आई है,

लाखो दरबार है इस जग में सब इक से इक निराले है,

कहे सीना ठोक के ये मनु हम इस दर के मतवाले है,

पाई है पाई है श्री श्याम किरपा हमने पाई है,

आई है आई है माघ सुधि ग्यारस आई है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।