खाटू वाले हो तेरी याद सातवे रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले हो तेरी याद सातवे रे अखियां नीर बहावे रे,

दर्श बिन दिल गबरावे रे,

खाटू वाले हो तेरी याद सातवे रे अखियां नीर बहावे रे,

सोचा नहीं था जीना पड़ेगा दर से तेरे दूर होके.

चौकठ से तेरे स्वर्ती थी किस्मत मन है वही उदास खो के,

तू अपनी मोर छड़ी लहरा तोड़ दे बाबा हर पेहरा,

क्यों न रस्ता तू दिख्लावे रे,

खाटू वाले हो तेरी याद सातवे रे अखियां नीर बहावे रे,

खाटू भी सुना गलियां भी सुनी गिरास भी सुनी गई रे,

कीर्तन थे बाबा जान हमारी होती वही अब नहीं रे,

ओ बाबा लीला कुछ कर दे तू खाटू मेला फिर भरदे,

मंत्री दर पे तेरे आये रे,

खाटू वाले हो तेरी याद सातवे रे अखियां नीर बहावे रे,

मजबूर तो देखु श्याम प्यारे तेरी ये क्या मज़बूरी ,

आना सकू मैं दर पे तुम्हारे तू ही मिटा दे ये दुरी,

समय की है कैसी धारा जेयांत इस से है हारा क्यों न रस्ता तू दिखलाये रे,

खाटू वाले हो तेरी याद सातवे रे अखियां नीर बहावे रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।