कोई पीवो राम रस प्यासा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कोई पीवो राम रस प्यासा, कोई पीवो राम रस प्यासा

गगन मण्डल में अली झरत है, उनमुन के घर बासा

शीश उतार धरै गुरु आगे, करै न तन की आशा

एसा मँहगा अमी बीकर है, छः ऋतु बारह मासा

मोल करे सो छीके दूर से, तोलत छूटे बासा

जो पीवे सो जुग जुग जीवे, कब हूँ न होय बिनासा

एंही रस काज भये नृप योगी, छोडया भोग बिलासा

सहज सिंहासन बैठे रहता, भस्ती रमाते उदासा

गोरखनाथ, भरथरी पिया, सो ही कबीर अम्यासा

गुरु दादू परताप कछुयक पाया सुन्दर दासा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।