मेंरे बाबा की स्माइल पे नाच लो रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेंरे बाबा की स्माइल पे नाच लो रे

मेरे श्याम की स्माइल पे नाच लो रे

सवारे सेठ की स्माइल पे नाच लो रे

श्याम के दर पे भीड़ लगी है हो गया हॉउस फूल

श्याम से बढ़ कर इस दुनिया में कोई ना पावर फूल

भक्तो ने है बड़ा गजब का तुझको आज सजाया

लाखो श्याम दीवानो ने है तेरा दर्शन पाया

सब उछल उछल के नाच लो रे

करके हाथ सारे ऊपर नाच लो रे

मेरे बाबा की स्माइल पे नाच लो रे

मोर मुकट कानो में कुंडल नीले की असवारी

धन्य हुआ ये जीवन मेरा जब से छवि निहारी

श्याम दुनिया से न्यारा नाच लो रे

लगा के श्याम का जयकारा नाच लो रे

मेंरे बाबा की स्माइल पे नाच लो रे

मेरे श्याम की स्माइल पे नाच लो रे

दे दो हमको बाबा अपने इन चरणों की सेवा

छप्पन भोग लगाओ संग में माखन मिश्री मेवा

सब तालिया बजा के नाच लो रे

मेंरे बाबा की स्माइल पे नाच लो रे

मेरे श्याम की स्माइल पे नाच लो रे

मोहन कौशिक सावरिया के बोले जो जयकारे

हरीश कहे उन भक्तो के हो जाते बारे न्यारे

लगाके मोर छड़ी का झाड़ा नाच लो रे

मेंरे बाबा की स्माइल पे नाच लो रे

मेरे श्याम की स्माइल पे नाच लो रे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।