तेरे ज्योत में पल पल मैंने तेरा किया नजारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ज्योत में पल पल मैंने तेरा किया नजारा,

बैठ के चरणों में तेरे मैं भूल गई जग सारा,

लाटा वालिये ज्योता वालिये माता रानिये,

तू ही विश्वाश मेरा तू ही मेरी आस है ,

रखना तू लाज मेरी यही अरदास है,

हर दुःख में हर संकट में जो मेरा बने सहारा,

बैठ के चरणों में तेरे मैं भूल गई जग सारा,

लाटा वालिये ज्योता वालिये माता रानिये,

तू छू ले तो पत्थर में भी जाग उठे संगीत ,

तेरी किरपा से अँधा देखे गूंगा गाये गीत,

चमत्कार से तेरे निकले कंठ से स्वर धारा,

बैठ के चरणों में तेरे मैं भूल गई जग सारा,

लाटा वालिये ज्योता वालिये माता रानिये,

दुनिया को शक्ति का रूप दिखा दे माँ,

बुजे बुजे नैनो के दीप जला दे माँ,

सुन ले मेरी विनती मैंने मन से तुझे पुकारा ,

बैठ के चरणों में मैं तेरे भूल गया जग सारा,

लाटा वालिये ज्योता वालिये माता रानिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।