मन में बसा कर तेरी मूर्ति उतारू मैं गिरधर तेरी आरती

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन में बसा कर तेरी मूर्ति उतारू मैं गिरधर तेरी आरती

करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवान

भव मै फसी नव मेरी तार दो भगवान

दर्द की दवा तुम्हारे पास है

जिंदगी दया की है भीख मांगती

मांगू तुझसे क्या मैं यही सोचू भगवन

जिंदगी जब तेरे नाम कर दी अर्पण

सब कुछ तेरा कुछ नहीं मेरा

चिंता है तुझे प्रभु संसार की

वेद तेरी महिमा गाए संत करें ध्यान

नारद गुणगान करे छेड़ वीणा तान

भक्त तेरे द्वार करते हैं पुकार

दास नवकिशोर तेरी गाए आरती

मन में बसा कर तेरी मूर्ति उतारू मैं गिरधर तेरी आरती

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।