आ श्याम सुंदर भगवान

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ श्याम सुंदर भगवान..

तुहिंजे बिन उमर अजाई आ..

तुहिंजे नाम बिना घनश्याम ,

जियण जी वाह न काईआ

हिक पल जे मिलंदे दर्शन जे डीदें..

भाग भला मां भाया..

दुखड़ो मिटाए वञ, आस पुजाए वञ, गोविंद तुहिंजा गुण गायां..

हिक तुहिंजो भरोसो श्याम, जियण जी वाह न काईआ.

आ श्याम सुंदर भगवान.

जनम जनम जो नातो आ तोसां,

नातो ना छड्जाएं सांवरा

मुहिंजे मनमंदिर मां न लड्जाएं,

लोक लजाइंदा बांवरा.

आ प्रीतम प्यारा भगवान, इन्हींअ में मुहिंजी भलाई आ..

आ श्याम सुंदर भगवान.

दुनिया जे हालन हीणों कयोआ,

मुहिंजो त वसु नाहें नाथ,

काल जी भयता, ज़िअरो जलाए थी, तोखे कयां फरियाद..

मुखे आनंद जो ड्ए दान, फकत अरदास इहाई आ

आ श्याम सुंदर भगवान

भजन तर्ज़ : आ लौट के आजा मेरे मीत

(सिंधी कृष्ण भजन)

भजन रचना : बाबा आनंदराम उदासी

चकरभाठा बिलासपुर (छ. ग.)

Mob :: 70004-92179..

98271-11399..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।