देदो दर्शन श्याम मुझको मेरे दिन थोड़े

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांसो के टूटने लगे श्याम आज अब डोरे,

देदो दर्शन श्याम मुझको मेरे दिन थोड़े,

क्या पता तन का कब ये दुनिया छोड़ जाऊँगा,

इस जन्म श्याम तुझसे नाता तोड़ जाऊँगा,

तद ये माटी का पुतला माटी हो जाना है,

जाते जाते ओ श्याम प्यार तेरा पाना है,

तेरा दर्शन ही द्वार स्वर्ग का मेरा खोले,

देदो दर्शन श्याम मुझको मेरे दिन थोड़े,

ओ मेरे सँवारे तू यार मेरा प्यार भी है,

तू ही दौलत मेरी श्याम तू संसार भी है,

मुझको मालूम है तू दर्शन देने आएंगे,

बेह्ते आंसू मेरे ना श्याम देख पायेगा,

श्याम तेरा नाम मेरा मन ये हर बोले,

देदो दर्शन श्याम मुझको मेरे दिन थोड़े,

आज ये भक्त श्याम तेरा जिद पे आन पड़ा,

देख ले इक नजर मौत के द्वारे मैं खड़ा,

आज मेरी भी श्याम तुझसे लड़ाई है,

तेरी भक्ति में उम्र सारी ये बिताई है,

हाथ थामा था तूने मेरा क्यों अब छोड़े,

देदो दर्शन श्याम मुझको मेरे दिन थोड़े,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।