तेरे नाम का कर्म है ये सारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम का कर्म है ये सारा भगतो पे छाया है सरूर शेरावालिये,

तेरे रूप का है इक लश्कारा जग में है जितना भी नूर शेरावालिये,

सुर गुफा में बैठे बैठे रोज करिश्मे करती है तू,

मेहरा वाली एक नजर से सब के दुखड़े हरती है तू,

खाली झोली जो लाता उसकी झोली भर्ती है तू,

तेरे नाम का कर्म है ये सारा भगतो पे छाया है सरूर शेरावालिये,

इस द्वारे की सुल लगा कर पापी पावन हो जाते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।