तेरी है हो ऐ बजरंगबली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

नाम जिसने लिया उसको हर सुख दियां,

उसके सिर से मुसीबत टली

तेरी है हो ऐ बजरंगबली

बजरंग बलि हो बजरंग बलि कोई तुमसा नही है महाबली,

गर्दिश में तू आके सब को संभाले,

तेरे खेल सारे जगत से निराले,

सारी दुनिया की करते भली,

तेरी है हो ऐ बजरंगबली

अंजनी की लाल हम सदा तुम को पूजे,

तुम बिन सहारा कोई न सूजे,

मेरे मन की खिलादों कली,

तेरी है हो ऐ बजरंगबली

कही रूप बाला जी का धर के आये,

शक्ति के पोतक कही दर दिखाए,

कर दी लंका में जा खलबली,

तेरी है हो ऐ बजरंगबली

केवल विन्याक भी सेवक भी तुम्हारा,

रणजीत राजा भी सेवक तुम्हारा,

चचमका दो मेरी भी किस्मत का तारा,

आसरे तेरे नैया चली,

तेरी है हो ऐ बजरंगबली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।