राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे

पारंपरिक
महादेव भजन राम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे

जो न जपे राम नाम वो हैं किस्मत के मारे

राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे

राम जी के नाम को शिवजी ने ध्याया

तुलसी ने राम जी से सरबस पाया

कविरा तो भजन कर कर भए मतवारे

राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे

राम नाम अमृत है राम नाम है चंदन

राम नाम देव जपे सांस करे बन्दन

महावीर राम नाम हृदय मे धारे

राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे

राम ही राम जपो राम नाम ही ध्यायो

राम नाम प्रेम की ज्योति घर-घर जगाओ

उसकी शरण में जाओ सुन लो तुम प्यारे

राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे

जो न जपे राम नाम वो हैं किस्मत के मारे

आचार्य मोहित बहुगुणा

सम्पर्क ~7310783925,

9760687487

पौड़ी गढ़वाल {उत्तराखंड}

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।