तेरे चेत दे चाले आवा

पारंपरिक
अन्य भजन बाबा बालक नाथ भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे चेत दे चाले आवा ,जोगीया कर मेहरा

तेरे चरणी शीश निबावा ,जोगीया कर मेहरा

सोने दी मै सिंगी लेयावा , गल विच तेरे पावा

नीके नीके पऊऐ लेयावा पैरी तेरे पावा ,जोगीया कर मेहरा

एक लेयावा झोली नाथ जी , बगल तेरी लटकावा

एक लेयावा चिमटा जोगीया ,धूणे दे विच लावा ,जोगीया कर मेहरा

रोट अते परशाद बनाके , तेनु भोग लगावा

एक जोगीया भगमाँ झन्डा दरते आन चढ़ावा ,जोगीया कर मेहरा

तनिश दक्ष दा मथा नाथ जी चरनी तेरे टिकावा

भगता ना सुखराज वाग मै तेरे ही गुन गावा , जोगीया कर मेहरा

रोहित हरदिल

81467 00852

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।