मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना

गंगा में नहा ले चाहे यमुना में नहा ले,

न्हाले चाहे हरिद्वार गुरु के बिना,

मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना

मंदिर में चालो चाहे मस्जिद में चालो,

चालो न चारो चारो धाम गुरु के बिना,

मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना

गीता पड़ लो चाहे रामायण पड़ लो,

पड़ लो न वेद पुराण गुरु के बिना,

मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना

चाहे तुम तो माला जप लो ,

चाहे तुम तो धुनि रमा लो

चाहे लेलो सन्यास गुरु के बिना,

मिलते नहीं है भगवान गुरु के बिना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।