पूजा है तुझको पूजे गे हर दम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पूजा है तुझको पूजे गे हर दम,

माँ को ही अर्पण है ये मेरा जीवन,

मेरी माँ इक मंदिर है इक ममता पूजा है,

इक वो ही भगवान है और कोई न दूजा है,

ये मेरी कहानी है प्यारी जिंगदानी है,

आज हु मैं जो कुछ भी तेरी मेहरबानी है,

पूजा है तुझको पूजे गे हर दम,

तेरा वो हसना वो मुझको हसा देना,

और जब मैं रो लू फिर तेरा रो लेना,

तेरी ही ऊँगली तेरा अंचल याद आये पल पल

मैं याहा भी जाऊ माँ तेरा साथ हो,

है दुआ है सिर पे तेरा हाथ हो,

पूजा है तुझको पूजे गे हर दम,

तेरी हो बाते वो ममता भरी नजरे,

तुम को दुःख होता जब मुझपे बला गुजरे,

पहला कदम मेरा तुझसे ही तू ही है माँ,

जो मेरा गुरु है और मेरा प्रभु लम्भी उम्र हो माँ तेरी यही आरजू,

पूजा है तुझको पूजे गे हर दम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।