मोरी मैया बड़ी वरदानी मोला वर दे दे माता

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मोरी मैया बड़ी वरदानी मोला वर दे दे माता,

ना चाहिए धन दोलत माता ना चाहिए घर बार,

अरे पेहले वर में देदो माता मांगू तेरा आशीर्वाद

मोरी मैया बड़ी वरदानी मोला वर दे दे माता,

जन्म जन्म से मने दर से माने तेरा प्यार

अरे दुसरे वर में देदो माता दर्शन मुझको आज,

मोरी मैया बड़ी वरदानी मोला वर दे दे माता,

मोह मया के वंदन से मुझको लगाओ पार ,

अरे अन्तं वर में देदो माता चरणों में विश्राम,

मोरे भगता तपसी ग्यानी टोला भर देती माता रे,

साथ साथ आशीर्वाद है भगता दर्शन देती आज रे,

जीवन ज्योत चरण में लेके तल लाती हु विश्राम,

मोरे भगता तपसी ग्यानी टोला भर देती माता रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।