माहरा डेरा जोड़ा नाथा का

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॥ पावन पाठ ॥

यो डेरा जोड़े नाथा का माहरा डेरा जोड़ा नाथा का,

याहा हल होता सब बाता का,

सारे काम पे इनकी सदा बनी रहे किरपा सदा

सब की बिगड़ी ने ये सँवारे ला दे से खुशियां की झड़ी,

जो भी भंडारे लावे से भण्डार भरे सौगात का,

माहरा डेरा जोड़ा नाथा का,

याहा हल होता सब बाता का,

दूध पूत में सुख रखो तो मैं सारे गांव के रखवाले,

सुख और शांति बनी रहे से जो भी थारे गुण गा ले,

से श्रद्धा सारे गांव की थामे ख्याल रखो जज्बात का,

माहरा डेरा जोड़ा नाथा का,

याहा हल होता सब बाता का,

सारी मुसीबत दूर करि से थाने गांव चंदाने की,

विजय शर्मा करे बड़याई थारे सादे वाने की,

इक वाल चंदाना गुण गावे ताने फेरा सब के हालाता का,

माहरा डेरा जोड़ा नाथा का,

याहा हल होता सब बाता का,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।