मोहे नंदी में बिठा ले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नंदी वाले भोले रे मोहे नंदी में बिठा ले,

नंदी में बिठा ले मोहे जोड़ागल पोहंचा दे,

नंदी वाले भोले रे मोहे नंदी पे बिठा ले,

दूर नगरियां तेरी भोले उची नीची डगर है,

देख देख के मन गबराये डर लागे अब मोहे रे ,

मोहे नंदी में बिठा ले,

गोरा मैया नाग और नंदी सब तेरे दर पर है,

देख देख के भुत प्रेत की दिल धक धक कर जाए,

मोहे नंदी में बिठा ले,

जोड़ा बाबा खड़े है भोला नाच नाचए,

उची पहाड़ियां देख के भोला

चढ़ो न मो सी टाये रे मोहे नंदी में बिठा ले,

देख तेरे मेले में भोला लाखो जन है आये,

महिमा तेरी अपार है भोला माहि गन तेरे गाये रे,

मोहे नंदी में बिठा ले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।