यु सँवारे मेरी डगर न रोको देर हो जायेगी,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

यु सँवारे मेरी डगर न रोको देर हो जायेगी,

न झुक कलाही ऐसे न मरोडो देर हो जायेगी

यु सँवारे मेरी डगर न रोको देर हो जायेगी,

देर जो हो जायेगे मुझको जो सांवरियां,

सास लड़े गई मोहे लड़े गई ननदियाँ

अब और न सताओ हम को मोहन,

देर हो जायेगी...

छीना झपटी मत कर कान्हा,

फट जाए चीर मेरा हसे गा जमाना,

मैं भीख तोसे मांग ती हु कान्हा देर हो जायेगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।