दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

अब अगले जन्म में श्याम मुझे पुष्प बना देना,

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

पुष्प बना कर के चरणों में जगह देना,

रज चरणों की पा लू मेरे भाग्ये जगा देना ,

अब अगले जन्म में श्याम मुझे पुष्प बना देना,

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

पल भर के लिए ही भले गल हार बना लेना ,

धड़कन मैं तेरी सुन लू सीने से लगा लेना,

अब अगले जन्म में श्याम मुझे पुष्प बना देना,

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

ये पाकर कर के अगर श्याम अभिमान जो आ जाए ,

मेरे श्याम मेरे श्याम मुझ कलियाँ बना कर के भगतो में बटा देना,

अब अगले जन्म में श्याम मुझे पुष्प बना देना,

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

हे दानी दयालु श्याम जल्दी से छमा करना,

जब भगत चढ़ाये इसे फिर पास बुला लेना ,

अब अगले जन्म में श्याम मुझे पुष्प बना देना,

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

संजू कहे मेरे श्याम दिल में ही सदा रखना,

कही पर भी जगह देना नजरो से गिराना न,

अब अगले जन्म में श्याम मुझे पुष्प बना देना,

दौलत नहीं मुझको चरणों में जगह देना ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।