मेरे बाबा करम हो करम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा करम हो करम

तेरे होते ये आँखें हैं नम

मेरे बाबा करम हो करम

फेर मुझसे नहीं तू नज़र

वरना जाऊँगा मैं तो बिखर

मुझपे एहसान इतना सा कर

लेले बाबा तू मेरी खोबर

कोई मेरा ना तेरे सिवा

मैं अकेला हूँ तेरी कसम

मेरे बाबा करम हो करम

मेरी तकदीर रूठी है क्यों

आस इस दिल की टूटी है क्यों

अश्क़ से भीगे सपनो ने भी

नींद रातों की लूटी है क्यों

इक इशारा तू करदे अगर

दूर हो जायेंगे सारे ग़म

मेरे बाबा करम हो करम

जाऊं तो कहाँ जाऊं तेरे दर के सिवा बाबा

आंसू कहाँ बहाउ तेरे दर के सिवा बाबा

हार के अपना सब कुछ आया बाबा

अब सर कहाँ झुकाऊं तेरे दर के सिवा बाबा

मेरे बाबा करम हो करम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।