करोना की विदाई

पारंपरिक
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॥ पावन पाठ ॥

करोना की विदाई तेरे घर रहने में है ,

तेरे अपनों की भलाई तेरे घर रहने में है,

तू अभी घर से नहीं बहार निकल,

तेरे सपनो की सचाई तेरे घर रहने में है,

करोना की विदाई तेरे घर रहने में है ,

संग मित में लगता एक पल

सरे जीवन की कमाई तेरे घर रहने में है,

करोना की विदाई तेरे घर रहने में है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।