मैं ढूंढ फिरी जग सारा

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं ढूंढ फिरी जग सारा मुझे मिला न प्रीतम प्यारा

मुझे न मिला न प्रीतम प्यारा,

मैं ढूंढ फिरी जग सारा........

मैं कुंदन कुंदन भटकी अब आ वृन्दावन अटकी,

ढूंढा यमुना का किनारा,मुझे न मिला न प्रीतम प्यारा,

मैं ढूंढ फिरी जग सारा........

तेरी सवाली सूरत मन वस् गई मोहे नागिन बन कर डस गई,

मुझे दे गया झूठा लारा मुझे न मिला न प्रीतम प्यारा,

मैं ढूंढ फिरी जग सारा........

मैं का सु कहु दिल की मने रो रो आवे हिचकी,

कहा चुप गया नन्द दुलारा मुझे न मिला न प्रीतम प्यारा,

मैं ढूंढ फिरी जग सारा........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।